✎ Forest conservation schemes in India emphasize participatory management, legal rights for tribals, and multi-stakeholder collaboration to sustain forests and biodiversity.
Relevance for Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
वन संरक्षण से संबंधित संसदीय प्रश्नों पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी में वन संरक्षण और सतत वन प्रबंधन के लिए सरकारी योजनाओं, कानूनी ढांचे और सामुदायिक भागीदारी के महत्वपूर्ण पहलुओं का उल्लेख किया गया है। इसमें बताया गया है कि राज्य सरकारों द्वारा गठित संयुक्त वन प्रबंधन समितियों (जेएफएमसी) और पर्यावरण विकास समितियों (ईडीसी) के माध्यम से स्थानीय समुदायों को वन संरक्षण में शामिल किया जाता है, जिससे अवैध कटाई, वन अग्नि प्रबंधन और वन पुनर्स्थापन जैसी गतिविधियों को बल मिलता है। इसके अलावा, अनुसूचित जनजाति और अन्य पारंपरिक वनवासी (वन अधिकार मान्यता) अधिनियम, 2006 के तहत वनवासी समुदायों को वन अधिकार प्रदान किए गए हैं, जिससे उन्हें वन संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाने का अधिकार मिला है। इन प्रयासों से वन क्षेत्रों में वृद्धि हुई है, जैसा कि भारत की वन स्थिति रिपोर्ट (आईएसएफआर) 2023 में बताया गया है, जिसमें देश का वन और वृक्ष आवरण कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 25.17 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
वन संरक्षण से जुड़े इन पहलुओं का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है, क्योंकि इनमें पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और सरकारी योजनाओं से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। उदाहरण के लिए, राष्ट्रीय हरित भारत मिशन (जीआईएम), क्षतिपूर्ति वनीकरण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (कैम्पा) जैसी योजनाओं का उल्लेख सरकारी परीक्षाओं में पर्यावरणीय नीतियों और उनके वित्तीय पहलुओं से संबंधित प्रश्नों के संदर्भ में किया जा सकता है। इसके अलावा, वन अधिकार अधिनियम, 2006 और वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 जैसे कानूनों का ज्ञान भी परीक्षाओं में कानूनी और प्रशासनिक ढांचे से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देने में सहायक होता है। इस प्रकार, वन संरक्षण से जुड़े ये विषय
Source: PIB (Press Information Bureau)
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