✎ पंचायत विकास सूचकांक ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन का मूल्यांकन कर सतत विकास लक्ष्यों को स्थानीय स्तर पर लागू करने में सहायक है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
पंचायत विकास सूचकांक (पीएआई) पंचायती राज मंत्रालय द्वारा विकसित एक महत्वपूर्ण उपकरण है, जो ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करता है। इसका उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के माध्यम से ग्रामीण विकास को गति देना है। पीएआई 2.0 के तहत वर्ष 2023-24 में 2.59 लाख ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया, जिनमें 33 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्र शामिल थे। यह सूचकांक विषय-वार और समग्र स्कोर प्रदान करता है, जिससे पंचायतों की कमियों और मजबूतियों की पहचान होती है। इसके अलावा, पीएआई फ्रंटरनर पंचायतों के लिए विशेष प्रोत्साहन निधि की व्यवस्था भी करता है, जो ग्रामीण विकास को और अधिक प्रभावी बनाती है। यह प्रणाली ग्रामीण शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देती है, जिससे बैंकिंग और सरकारी परीक्षाओं के लिए भी यह विषय महत्वपूर्ण हो जाता है।
पीएआई का संबंध आरजीएसए जैसी केंद्र प्रायोजित योजनाओं से भी है, जो पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों के क्षमता निर्माण पर केंद्रित है। वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक लगभग 36.8 लाख प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित किया गया, जिससे ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार हुआ। यह सूचकांक ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि, जल प्रबंधन और स्वच्छता जैसे विषयों पर केंद्रित है, जो सीधे तौर पर बैंकिंग और सरकारी परीक्षाओं के पाठ्यक्रम से जुड़े हैं। विशेष रूप से आरबीआई ग्रेड बी, एसबीआई पीओ और एसएससी परीक्षाओं में ग्रामीण विकास और शासन से संबंधित प्रश्नों के लिए यह विषय अत्यंत प्रासंगिक है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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