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महा जल मिशन का कार्यान्वयन — concept mind map

✎ महा जल मिशन जल क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान हेतु मिशन मोड अनुसंधान एवं तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देता है।

MAHA जल मिशनANRFनीति निर्देशनअनुसंधान सहायताजल शक्ति मंत्रालयमिशन मार्गदर्शनकार्यान्वयनMAHA जल कार्यक्रम5 प्रमुख विषयसमाधान-आधारित अनुसंधानप्रधान अन्वेषकअकादमिक संस्थानप्रयोगशालाएंउद्योग साझेदारियांबहुविषयकमिशन मोड
MAHA जल मिशन

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

**महा जल मिशन का कार्यान्वयन** राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (एएनआरएफ) द्वारा जल शक्ति मंत्रालय के सहयोग से शुरू किया गया एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य जल क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियों का समाधान करना है। एएनआरएफ, जो एएनआरएफ अधिनियम, 2023 के तहत स्थापित एक सांविधिक निकाय है, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए उच्च स्तरीय रणनीतिक दिशा प्रदान करता है। मिशन फॉर एडवांसमेंट इन हाई-इम्पैक्ट एरियाज़ (एमएएचए) जल कार्यक्रम के अंतर्गत पाँच प्रमुख विषयों—जल संसाधन प्रबंधन, पेयजल, जल गुणवत्ता, मानव एवं पारिस्थितिक स्वास्थ्य, जल उपयोग दक्षता एवं सर्कुलर इकोनॉमी, तथा जलवायु लचीलेपन पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इस कार्यक्रम में स्टार्ट-अप, एमएसएमई और उद्योग साझेदारों की भागीदारी अनिवार्य है, जिससे नवाचार और तकनीकी विकास को गति मिल सके।

इस मिशन का महत्व बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है। जल संसाधन प्रबंधन, सतत विकास और नवाचार जैसे विषयों से संबंधित प्रश्नों के माध्यम से उम्मीदवारों की नीति निर्माण, शासन और तकनीकी दृष्टिकोण की समझ का परीक्षण किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, स्टार्ट-अप और एमएसएमई की भागीदारी जैसे आर्थिक पहलुओं पर भी ध्यान केंद्रित किया जा सकता है, जो बैंकिंग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। इस प्रकार, महा जल मिशन का कार्यान्वयन न केवल जल संकट के समाधान में सहायक है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण अध्ययन विषय है।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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