
✎ मिशन पोषण 2.0 कुपोषण से लड़ने और बाल विकास को सुदृढ़ बनाने हेतु सरकार का नवीनतम और प्रभावी प्रयास है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
मिशन पोषण 2.0 भारत सरकार द्वारा कुपोषण से समग्र रूप से निपटने और बाल विकास को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। यह पोषण अभियान के पूर्ववर्ती प्रयासों पर आधारित एक समन्वित और सुदृढ़ दृष्टिकोण अपनाता है, जिसमें नीति आयोग और विश्व बैंक द्वारा किए गए मूल्यांकनों से इसकी प्रभावशीलता सिद्ध हुई है। नीति आयोग के 2020 के तृतीय-पक्ष मूल्यांकन और विश्व बैंक द्वारा 2021 में 11 राज्यों में किए गए सर्वेक्षण में पाया गया कि पोषण अभियान के माध्यम से पोषण संबंधी व्यवहार में सुधार हुआ है, जैसे 80% से अधिक महिलाओं तक पोषण संदेश पहुंचना और 81% महिलाओं द्वारा पहले छह महीनों तक केवल स्तनपान कराना। इसके अतिरिक्त, नीति आयोग के 2025 के मूल्यांकन में भी मिशन पोषण 2.0 की सफलता के संकेत मिले हैं, जिसमें आंगनवाड़ी सेवाओं के उच्च स्तर पर उपयोग और स्वीकार्यता को प्रमुख कारक बताया गया है।
मिशन पोषण 2.0 के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा ‘पोषण ट्रैकर’ नामक डिजिटल एप्लिकेशन लॉन्च किया गया है, जो आईसीटी आधारित शासन उपकरण के रूप में कार्य करता है। इस एप्लिकेशन के माध्यम से लाभार्थियों के स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति की निगरानी की जाती है, जिससे योजना के कार्यान्वयन में सुधार किया जा सके। इसमें फेशियल रिकग्निशन सिस्टम और आधार आधारित ट्रैकिंग जैसी तकनीकों का उपयोग किया गया है, जो लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करने और फर्जी प्रविष्टियों को रोकने में मदद करती हैं। यह पहल न केवल पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने में सफल रही है, बल्कि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता को भी बढ़ावा देती है, जो बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण विषय है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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