✎ फसल बीमा योजना किसानों को मौसम की मार से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**जुलाई 31 की अंतिम तिथि के कारण फसल बीमा योजना में अंतिम समय की भागदौड़**
जुलाई 31 की अंतिम तिथि से पहले किसानों द्वारा फसल बीमा योजना में नामांकन कराने की तेजी देखी जा रही है, विशेषकर उन जिलों में जहां मानसून पर निर्भरता अधिक है। श्री सत्य साई, चित्तूर और अनंतपुर जैसे जिलों में कृषि एवं बागवानी विभागों के अधिकारियों ने किसानों को इस योजना से जोड़ने के लिए तेजी से प्रयास किए हैं। अल नीनो के प्रभाव से उत्पन्न प्रतिकूल मौसम की स्थिति ने क्षेत्र में कृषि संकट को और गहरा दिया है। अधिकारियों का मानना है कि बार-बार होती देरी, सूखे और असामयिक बारिश जैसी चुनौतियों के कारण फसल बीमा किसानों के लिए एक आवश्यक सुरक्षा कवच बन गया है। श्री सत्य साई जिले में अब तक 10,279 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत 15,950 हेक्टेयर भूमि का बीमा कराया है, जबकि पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (आरडब्ल्यूबीसीआईएस) के तहत 78,798 किसानों ने 1,00,320 हेक्टेयर भूमि को कवर किया है। इससे स्पष्ट होता है कि किसानों के बीच इस योजना की स्वीकार्यता बढ़ रही है।
इस योजना का महत्व बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी काफी है। बैंकिंग क्षेत्र में फसल बीमा योजना किसानों को ऋण देने में जोखिम कम करने का एक प्रमुख माध्यम है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिलती है। आरबीआई ग्रेड बी में कृषि क्षेत्र से संबंधित नीतियों और उनके आर्थिक प्रभावों पर प्रश्न पूछे जाते हैं, जबकि एसएससी परीक्षाओं में सरकारी योजनाओं और उनके कार्यान्वयन से जुड़े तथ्यों का अध्ययन महत्वपूर्ण होता है। इस योजना के माध्यम से सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली वित्तीय सुरक्षा किसानों की आय को स्थिर रखने में सहायक सिद्ध हो रही है, जो समग्र ग्रामीण विकास और आर्थिक वृद्धि के लिए आवश्यक है।
स्रोत: The Hindu
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