✎ वेरिएबल स्पीड लिमिट प्रणाली ट्रैफिक जाम में सुधार हेतु MoRTH द्वारा शुरू किया गया तकनीकी समाधान है, जिसका अध्ययन आईआईटी रुड़की कर रहा है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने एक नई पहल शुरू की है, जिसमें वेरिएबल स्पीड लिमिट (VSL) प्रणाली लागू की जा रही है। इस तकनीक के तहत सड़क पर लगे सेंसर और कैमरों के माध्यम से ट्रैफिक की स्थिति और मौसम का वास्तविक समय में विश्लेषण किया जाएगा, जिससे गति सीमा को स्वचालित रूप से घटाया-बढ़ाया जा सकेगा। इसका उद्देश्य व्यस्त समय में ट्रैफिक फ्लो को सुचारू बनाना और दुर्घटनाओं की संभावना को कम करना है। यह पायलट प्रोजेक्ट सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा आईआईटी रुड़की और सीएसआईआर-सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (CSIR-CRRI) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, जिसका प्रारंभ 15 अगस्त के आसपास सराय काले खां से यूपी बॉर्डर तक 8.7 किलोमीटर के खंड पर किया जाएगा।
इस नवाचार का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी काफी है। बैंकिंग क्षेत्र में, सरकारी योजनाओं और तकनीकी नवाचारों पर आधारित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, जिससे उम्मीदवारों को राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे से जुड़े विकास कार्यों की जानकारी होना आवश्यक है। एसएससी परीक्षाओं में भी राष्ट्रीय राजमार्गों, ट्रैफिक प्रबंधन और सरकारी पहलों से संबंधित विषयों पर सवाल आ सकते हैं, जबकि आरबीआई ग्रेड बी में नीति निर्माण और तकनीकी समाधानों के आर्थिक प्रभावों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। इस प्रकार, यह योजना न केवल यातायात प्रबंधन में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली है, बल्कि परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण अध्ययन विषय है।
स्रोत: amarujala.com
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