
✎ न्यायाधिकरण नियुक्तियों में पारदर्शिता एवं स्वतंत्रता सुनिश्चित करने हेतु राष्ट्रीय आयोग बनाया जाएगा।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
संसद में न्यायाधिकरणों में नियुक्तियों के लिए राष्ट्रीय आयोग बनाने संबंधी विधेयक अगले सप्ताह लोकसभा में पेश किया जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित यह विधेयक विभिन्न न्यायाधिकरणों के अध्यक्षों और सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता, स्वतंत्रता और मानकों को सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा। प्रस्तावित राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग में एक अध्यक्ष (सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश या उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश) और चार सदस्य (दो न्यायिक एवं दो तकनीकी विशेषज्ञ) होंगे। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के 2021 के न्यायाधिकरण सुधार अधिनियम के कुछ प्रावधानों को रद्द करने के बाद उठाया गया है, जिसमें न्यायिक स्वतंत्रता और शक्ति पृथक्करण के सिद्धांतों का उल्लंघन पाया गया था।
इस विधेयक का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। बैंकिंग क्षेत्र में न्यायाधिकरणों के माध्यम से वित्तीय विवादों का निपटारा होता है, जबकि सरकारी नौकरियों में न्यायिक प्रक्रियाओं की समझ आवश्यक होती है। आरबीआई ग्रेड बी में भी संवैधानिक संस्थाओं और न्यायिक सुधारों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इस विधेयक के माध्यम से न्यायिक नियुक्तियों में सुधार का प्रयास किया जा रहा है, जो परीक्षाओं में सवालों के रूप में भी सामने आ सकता है।
स्रोत: amarujala.com
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