✎ डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन की अंतर-जातीय विवाह एवं अत्याचार पीड़ित योजनाओं का केंद्र प्रायोजित योजना में विलय किया गया है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन की दो प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं—‘अंतर-जातीय विवाह के माध्यम से सामाजिक एकीकरण के लिए डॉ. अम्बेडकर योजना’ तथा ‘अत्याचार पीड़ित अनुसूचित जाति/जनजाति व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय राहत योजना’—को 31 मार्च, 2023 से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की केंद्र प्रायोजित योजना में विलय कर दिया गया है। इसका उद्देश्य इन योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली दोहराव की समस्या को दूर करना तथा प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना था। सरकार द्वारा राज्यसभा में दिए गए उत्तर के अनुसार, इन योजनाओं का विलय नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 और अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के कार्यान्वयन से जुड़ी केंद्र प्रायोजित योजना के साथ किया गया है, जिससे राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को केंद्रीय सहायता प्रदान की जाती है। इससे न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता में वृद्धि हुई है, बल्कि लंबित मामलों के निपटारे में भी तेजी आई है। विशेष रूप से, विलय के बाद डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन द्वारा 385 अंतर-जातीय विवाह मामलों में लगभग 9 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि जारी की गई, जो सामाजिक एकीकरण को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस निर्णय का परीक्षा की दृष्टि से विशेष महत्व है, क्योंकि यह केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के समेकन तथा प्रशासनिक सुधारों से संबंधित है। बैंक पीओ, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी तथा एसएससी जैसी परीक्षाओं में इस प्रकार के प्रश्न राजनीति एवं शासन व्यवस्था के अंतर्गत पूछे जा सकते हैं, जिनमें योजनाओं के विलय, केंद्र प्रायोजित योजनाओं के कार्यान्वयन तथा सामाजिक न्याय से संबंधित मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। इसके अतिरिक्त, सरकारी नीतियों एवं उनके प्रभावों से संबंधित प्रश्नों के माध्यम से अभ्यर्थियों की विश्लेषणात्मक क्षमता का भी परीक्षण किया जाता है। इस संदर्भ में, यह जानकारी न केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि परीक्षा में
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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