✎ AI बैंकिंग क्षेत्र में दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ साइबर सुरक्षा एवं पारदर्शिता के जोखिम भी उत्पन्न करता है, अतः सावधानीपूर्वक अपनाना आवश्यक है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy
आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास के उत्तराधिकारी संजय मल्होत्रा ने मंगलवार को बैंकों से आग्रह किया कि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) में निवेश तेज करें, जिससे परिचालन कुशलता बढ़े। उन्होंने कहा कि एआई के व्यापक इस्तेमाल से पक्षपाती या अपारदर्शी फैसले, डेटा गोपनीयता और साइबर सुरक्षा खतरे जैसी चुनौतियां भी पैदा हो सकती हैं। मल्होत्रा ने चेताया कि बाहरी विक्रेताओं पर अत्यधिक निर्भरता बैंकिंग प्रणाली को त्रुटियों के प्रति संवेदनशील बना सकती है। उन्होंने जोर दिया कि एआई अपनाने वाले बैंक वही सफल होंगे जो तकनीक को पूरी समझ के साथ लागू करेंगे, न कि सबसे तेजी से। उनके बयान से स्पष्ट है कि भारतीय वित्तीय क्षेत्र एआई के माध्यम से दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ साइबर हमलों और तकनीकी जोखिमों से भी जूझ रहा है।
यह विषय बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी परीक्षाओं के लिए बेहद प्रासंगिक है। एआई बैंकिंग में ग्राहक सेवा, धोखाधड़ी का पता लगाने और जोखिम मूल्यांकन जैसे क्षेत्रों में क्रांति ला रहा है, जो सीधे तौर पर बैंकिंग परिचालन से जुड़े प्रश्नों में पूछा जा सकता है। आरबीआई द्वारा एआई के जोखिमों पर बार-बार जोर देना बताता है कि आने वाले समय में नियामकीय ढांचे और साइबर सुरक्षा जैसे विषय भी परीक्षा के केंद्र में होंगे। एसएससी उम्मीदवारों के लिए भी यह तकनीकी परिवर्तन और डिजिटल अर्थव्यवस्था से संबंधित प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है।
स्रोत: Business Standard
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