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राष्ट्रीय कृषि मशीनीकरण नीति — concept mind map
राष्ट्रीय कृषि मशीनीकरण नीति: सरकार की नई पहल, किसानों को मिलेगा लाभ — राष्ट्रीय कृषि मशीनीकरण नीति: कार्यान्वयन प्रक्रिया
आरेख: राष्ट्रीय कृषि मशीनीकरण नीति: कार्यान्वयन प्रक्रिया

✎ कृषि मशीनीकरण नीति छोटे किसानों तक मशीनरी पहुंचाने, सब्सिडी योजनाओं और तकनीकी नवाचार पर केंद्रित है।

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

राष्ट्रीय कृषि मशीनीकरण नीति कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के अंतर्गत ‘कृषि मशीनीकरण उप-मिशन’ (एसएमएएम) के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य लघु एवं सीमांत किसानों तक कृषि मशीनीकरण की पहुंच बढ़ाना और फार्म पावर की कमी वाले क्षेत्रों में ‘कस्टम हायरिंग सेंटर्स’ (सीएचसी) को बढ़ावा देना है। इस नीति के तहत किसानों को कृषि मशीनरी खरीदने के लिए 40-50% तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जबकि सीएचसी स्थापना के लिए 40% और कृषि मशीनरी बैंक (एफएमबी) के लिए 80% तक की सहायता दी जाती है। पूर्वोत्तर राज्यों में एफएमबी के लिए यह सहायता 95% तक है। इसके अतिरिक्त, महिला-अनुकूल कृषि उपकरणों, ड्रोन और प्रिसिजन कृषि तकनीकों को अपनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। यह नीति न केवल कृषि उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि और कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी सृजित करेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए यह नीति अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे संबंधित प्रश्न अर्थव्यवस्था, कृषि सुधार और सरकारी योजनाओं पर आधारित हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, एसएमएएम योजना के तहत प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता, कस्टम हायरिंग सेंटर्स की स्थापना और कृषि मशीनीकरण के लिए एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एआईएफ) जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसके अलावा, इस नीति के माध्यम से कृषि क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को बढ़ावा देने और स्टार्टअप्स को समर्थन देने के प्रयासों पर भी ध्यान केंद्रित किया जा सकता है, जो अर्थव्यवस्था के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। इस प्रकार, इस नीति की समझ परीक्षार्थ

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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