✎ कैंसर को नोटिफिएबल बीमारी बनाने हेतु 19 राज्यों को शीघ्र निर्णय लेने का सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, राष्ट्रीय स्तर पर रियल-टाइम रजिस्ट्री और स्क्रीनिंग व्यवस्था पर बल।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पूछा कि वे कैंसर को ‘नोटिफिएबल बीमारी’ घोषित करने के लिए कब तक उचित निर्णय लेंगे, ताकि मरीजों की बेहतर पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जा सके। अदालत ने एक समान नीति और अनुपालन हलफनामे दाखिल करने पर जोर दिया, क्योंकि वर्तमान में केवल 17 राज्यों ने ही इसे लागू किया है। पीठ ने केंद्र सरकार से भी पूछा कि वह सभी राज्यों के लिए अनिवार्य दिशानिर्देश क्यों नहीं जारी कर रही है, जबकि स्वास्थ्य राज्य का विषय है। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में एकरूपता आवश्यक है, ताकि देशभर में कैंसर के मामलों की निगरानी और रोकथाम में सुधार हो सके।
इस मामले की जनहित याचिका में डॉक्टर अनुराग श्रीवास्तव ने केंद्र और राज्यों पर आरोप लगाया है कि वे कैंसर को नोटिफाई करने में विफल रहे हैं, जिससे संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। याचिका में CoWIN जैसी राष्ट्रीय डिजिटल कैंसर रजिस्ट्री बनाने की भी मांग की गई है, ताकि डेटा संग्रहण और निगरानी में पारदर्शिता आए। यह मामला न केवल स्वास्थ्य प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि बैंकिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें नीति निर्माण, केंद्र-राज्य संबंध और संवैधानिक अधिकारों जैसे मुद्दे शामिल हैं, जो सामान्य जागरूकता अनुभाग में पूछे जा सकते हैं। साथ ही, RBI Grade B के लिए यह अर्थव्यवस्था और शासन के अंतर्गत स्वास्थ्य क्षेत्र की भूमिका को समझने में सहायक होगा।
स्रोत: amarujala.com
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