✎ पीएमआईएस योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए समयबद्ध कार्ययोजना, वास्तविक फंड उपयोग और लक्षित लाभार्थियों पर ध्यान आवश्यक है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**संसदीय समिति ने इंटर्नशिप योजना के लिए समयबद्ध कार्य योजना की मांग की**
एक संसदीय समिति ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) के पायलट चरण में आई कमियों को दूर करने के लिए समयबद्ध कार्य योजना बनाने की मांग की है। समिति ने कहा है कि योजना के तहत आवंटित धनराशि का कम उपयोग किया गया है, जिसमें वित्त वर्ष 2024-25 में 2,000 करोड़ रुपये के बजट में केवल 29.29 करोड़ रुपये ही खर्च हुए। समिति ने महिला उम्मीदवारों और ग्रामीण युवाओं के लिए यात्रा, आवास और पुनर्वास संबंधी संरचित सहायता प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया है। इसके साथ ही, समिति ने योजना के मुख्य चरण के लिए बजट अनुमानों और वास्तविक क्षमता के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है, क्योंकि पायलट चरण में 2.45 लाख इंटर्नशिप अवसरों के बावजूद केवल 16,060 उम्मीदवार ही इसमें शामिल हुए, जिसमें पहले दौर में 53.6% की ड्रॉपआउट दर रही।
इस योजना का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना है, जो बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए भी प्रासंगिक है। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और बजटीय आवंटन में पारदर्शिता तथा प्रभावी निगरानी जैसे विषय परीक्षाओं में पूछे जा सकते हैं। इसके अलावा, डिजिटल प्रतिस्पर्धा विधेयक जैसे अन्य विधायी पहलुओं पर भी समिति की सिफारिशें महत्वपूर्ण हैं, जो डिजिटल अर्थव्यवस्था के नियामक ढांचे से संबंधित हो सकती हैं।
स्रोत: Business Standard
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

