✎ राज्यों को नीति सुधार एवं शहरीकरण के माध्यम से आर्थिक विकास को गति देने हेतु वित्त आयोग की सलाह महत्वपूर्ण है।
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वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को केरल को आर्थिक गतिविधि बढ़ाने के लिए ‘अच्छे नीति-निर्णय’ लेने की सलाह दी। उन्होंने राज्य को विशाखापत्तनम अंतरराष्ट्रीय समुद्री बंदरगाह की तरह ही विजिन्जम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह की पूरी क्षमता का उपयोग करने पर जोर दिया। पनगढ़िया ने ‘शहरीकरण: विकसित भारत @ 2047 के लिए विकास इंजन’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अच्छे नीतिगत फैसलों से उद्यमी स्वयं तय करेंगे कि किन गतिविधियों में निवेश करना है, क्योंकि वे अर्थशास्त्रियों या सरकार से बेहतर स्थिति में होते हैं। उन्होंने विजिन्जम बंदरगाह के संदर्भ में कहा कि इसकी आर्थिक क्षमता का उपयोग ‘रचनात्मक सोच’ से किया जा सकता है, जैसे घटकों को आयात कर जोड़ना और निर्यात करना। राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और बैंकों के निजीकरण के माध्यम से सुधारों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि देश को 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की आवश्यकता नहीं है, बल्कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ही पर्याप्त है।
पनगढ़िया ने शहरीकरण को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की भारत की योजना का एक महत्वपूर्ण घटक बताया, क्योंकि कोई भी विकसित देश बिना शहरीकरण के अमीर नहीं बना है। उन्होंने शहरों को रोजगार अनुकूल बनाने और विशेष रोजगार क्षेत्रों के निर्माण पर जोर दिया। शहरीकरण में आने वाली प्रमुख चुनौतियों में शहरी भूमि खरीद, भूमि अधिग्रहण, निर्माण उपनियम, अनुत्पादक भूमि और भूमि रूपांतरण नियम शामिल हैं। उन्होंने भूमि रूपांतरण नियमों, विशेषकर कृषि भूमि से गैर-कृषि भूमि में बदलने संबंधी नियमों को सरल बनाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। पनगढ़िया ने बताया कि भारत में कुल भूमि का केवल 3.7% ही निर्मित क्षेत्र (शहरी, ग्रामीण और खनन मिलाकर) है, जिससे कृषि को कोई खतरा नहीं है। इस अवसर पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आरलेकर ने भी शहरीकरण को पश्चिमीकरण न मानकर भारतीय संस्कृति और मूल्यों के अनुर
स्रोत: The Hindu
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