✎ सड़क दुर्घटना मृत्यु आँकड़ों में अंतर का मुख्य कारण राज्यों/UT द्वारा अलग रिपोर्टिंग पद्धति है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
नितिन गडकरी ने राज्यसभा में बताया कि सरकारी रिपोर्टों में सड़क दुर्घटना मृत्यु के आंकड़ों में अंतर विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा अपनाई जाने वाली रिपोर्टिंग पद्धतियों के कारण है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की रिपोर्ट “रोड एक्सिडेंट्स इन इंडिया” में 2024 में 1,77,175 लोगों की मृत्यु हुई, जबकि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की “अकस्मात मृत्यु एवं आत्महत्या” रिपोर्ट में 1,75,142 तथा “क्राइम इन इंडिया” में केवल 1,62,500 मौतें दर्ज की गईं। गडकरी ने बताया कि राज्य पुलिस और राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा अपनाई जाने वाली अलग-अलग पद्धतियों के कारण यह अंतर उत्पन्न होता है। इसके अतिरिक्त, “क्राइम इन इंडिया” में केवल भारतीय दंड संहिता (IPC) अथवा भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत दर्ज मामलों को ही शामिल किया जाता है, जबकि MoRTH और NCRB व्यापक आंकड़े एकत्र करते हैं। सरकार ने बताया कि एकीकृत राष्ट्रीय सड़क दुर्घटना डेटाबेस “ई-डार” पोर्टल के माध्यम से आंकड़ों में एकरूपता लाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य विभाग तथा बीमा कंपनियों द्वारा डेटा दर्ज किया जाता है।
यह मुद्दा बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे शासन व्यवस्था, डेटा संग्रहण तथा नीति निर्माण में पारदर्शिता और मानकीकरण के महत्व को समझा जा सकता है। बैंकिंग क्षेत्र में जोखिम मूल्यांकन और बीमा योजनाओं के लिए सटीक आंकड़े आवश्यक होते हैं, जबकि सरकारी नौकरियों में नीति निर्माण और कार्यान्वयन में डेटा की गुणवत्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में आर्थिक नीतियों के संदर्भ में डेटा संग्रहण प्रणालियों की समझ पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
स्रोत: Hindustan Times
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

