✎ ग्रीन इंडिया मिशन वन आवरण बढ़ाने में 98% विफल रहा, जिसके लिए केंद्र एवं राज्य स्तर पर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**हिंदी में नोट:**
केंद्र सरकार की ‘हरित भारत मिशन’ (Green India Mission) वन क्षेत्र बढ़ाने के अपने लक्ष्य से ९८ प्रतिशत पीछे रह गई है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट के अनुसार, इस मिशन के तहत वर्ष २०१५-१६ से २०१९-२० के बीच केवल ०.०३६ मिलियन हेक्टेयर वन क्षेत्र ही बढ़ाया जा सका, जबकि लक्ष्य ३.८९ मिलियन हेक्टेयर था। CAG ने इस विफलता के लिए धन की कमी, राज्यों की कमजोर भागीदारी और योजना के क्रियान्वयन में देरी को प्रमुख कारण बताया है। यह मिशन २०३० तक ३३ प्रतिशत वन क्षेत्र सुनिश्चित करने के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था, लेकिन इसकी धीमी प्रगति पर्यावरणीय स्थिरता और जलवायु परिवर्तन से निपटने की भारत की प्रतिबद्धताओं पर सवाल खड़े करती है।
इस मुद्दे की प्रासंगिकता प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। परीक्षाओं में पर्यावरणीय नीतियों, सरकारी योजनाओं और उनके कार्यान्वयन से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। CAG की रिपोर्ट सरकारी खर्चों की पारदर्शिता, योजना प्रबंधन और राजकोषीय उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर भी प्रकाश डालती है, जो बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्रों में नीति निर्माण और जोखिम मूल्यांकन के लिए प्रासंगिक हैं। इसके अतिरिक्त, यह मुद्दा पर्यावरणीय अर्थशास्त्र, सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) और भारत के अंतर्राष्ट्रीय जलवायु प्रतिबद्धताओं से भी जुड़ा है, जो आरबीआई ग्रेड बी जैसे परीक्षाओं में भी पूछा जा सकता है।
स्रोत: ndtv.com
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