प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) पर नवीनतम प्रेस नोट, मासिक बुलेटिन (जुलाई 2026) के अनुसार, देश में श्रम बल सहभागिता दर (एलएफपीआर) में सुधार देखा गया है। 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग में समग्र एलएफपीआर जुलाई 2026 में 55.4 प्रतिशत पहुँच गई, जो जून 2026 के 54.4 प्रतिशत से 1 प्रतिशत अंक अधिक है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 58.0 प्रतिशत रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में मामूली वृद्धि के साथ 50.4 प्रतिशत दर्ज की गई। महिलाओं की भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जहाँ महिला एलएफपीआर 34.4 प्रतिशत तक पहुँच गई, जो ग्रामीण क्षेत्रों में 38.8 प्रतिशत एवं शहरी क्षेत्रों में 25.3 प्रतिशत रही। श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) में भी सुधार हुआ, जहाँ कुल डब्ल्यूपीआर 52.5 प्रतिशत एवं ग्रामीण डब्ल्यूपीआर 55.4 प्रतिशत रही। बेरोजगारी दर (यूआर) में गिरावट आई, जहाँ कुल यूआर 5.1 प्रतिशत एवं ग्रामीण यूआर 4.5 प्रतिशत रही, जबकि शहरी यूआर 6.7 प्रतिशत पर स्थिर रही। यह आँकड़े रोजगार सृजन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत देते हैं, जो बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं।
पीएलएफएस के ये आँकड़े बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी एवं एसएससी जैसी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। एलएफपीआर, डब्ल्यूपीआर एवं यूआर जैसे श्रम बाजार संकेतक देश की आर्थिक स्थिति एवं रोजगार परिदृश्य को दर्शाते हैं, जो नीति निर्माण एवं वित्तीय निर्णयों में सहायक होते हैं। आरबीआई ग्रेड बी में श्रम बाजार के आँकड़े मॉनेटरी पॉलिसी एवं आर्थिक वृद्धि के आकलन में प्रयोग किए
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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