✎ मौद्रिक नीति समिति मौद्रिक नीति निर्धारण के लिए आरबीआई अधिनियम 1934 के तहत गठित 6 सदस्यीय समिति है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**हिंदी नोट (प्राकृतिक परीक्षा शैली):**
अगस्त 3 से 5, 2026 तक हुई मौद्रिक नीति समिति (MPC) की 62वीं बैठक के मिनट्स में प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया है, जिसका आयोजन आरबीआई गवर्नर श्री संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में किया गया। सभी सदस्यों—डॉ. नागेश कुमार, श्री सौरभ भट्टाचार्य, प्रो. राम सिंह, डॉ. पूनम गुप्ता और श्री इंद्रनील भट्टाचार्य—ने सर्वसम्मति से रेपो दर 5.25% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया। इसके साथ ही एसडीएफ दर 5.00%, एमएसएफ दर 5.50% और बैंक दर भी यथावत रखी गई। यह निर्णय वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिदृश्य के सतत मूल्यांकन के बाद लिया गया, जिसमें मुद्रास्फीति के दबावों और वृद्धि के संतुलन पर ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में वैश्विक संघर्षों, तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव और मुद्रास्फीति संबंधी अनिश्चितताओं को प्रमुख जोखिम के रूप में रेखांकित किया गया, जबकि भारत की आर्थिक स्थिरता को सराहा गया।
घरेलू मोर्चे पर, भारतीय अर्थव्यवस्था ने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद लचीलेपन का प्रदर्शन किया है। Q1:2026-27 में निजी खपत और निवेश में मजबूती देखी गई, जबकि सेवा निर्यात में वृद्धि ने बाह्य मांग को भी बल दिया। हालांकि, अल नीनो के कारण कमजोर मानसून और ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव से कृषि क्षेत्र और ग्रामीण मांग पर कुछ दबाव रहने की आशंका है। इसके बावजूद, सरकार की फसल विविधीकरण और जल संरक्षण जैसी पहलों से जोखिमों को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि दर 6.7% (Q1:7.0%, Q2:6.4%, Q3:6.5%, Q4:6.8%) रहने का अनुमान लगाया है, जबकि मुद्रास्फ
स्रोत: RBI
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