✎ 2026 में भारत ने अमेरिका और चीन के साथ आर्थिक संबंधों में पुनर्संतुलन किया, जिससे टैरिफ में कमी और निवेश नियमों में ढील मिली।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
भारत ने 2026 में अमेरिका और चीन के साथ अपने आर्थिक संबंधों को पुनर्संतुलित किया है। अमेरिका के साथ व्यापारिक विवाद को सुलझाते हुए दोनों देशों ने भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 25 प्रतिशत के शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया तथा रूसी तेल खरीद से जुड़े अतिरिक्त 25 प्रतिशत के प्रतिबंधात्मक शुल्क को पूरी तरह समाप्त कर दिया। अमेरिका ने अब 10 प्रतिशत के अलग सेक्शन 301 शुल्क लगाए हैं, किंतु भारतीय निर्यातों के लगभग 45 प्रतिशत हिस्से पर ये लागू नहीं होते। दूसरी ओर, भारत ने 2020 में लागू प्रेस नोट 3 में संशोधन कर चीन से आने वाले निवेश के लिए सरकारी अनुमति की अनिवार्यता को हटा दिया है। अब 10 प्रतिशत से कम चीनी लाभकारी स्वामित्व वाले निवेशकों के लिए स्वचालित मार्ग खोल दिया गया है तथा पूंजीगत वस्तुओं, इलेक्ट्रॉनिक घटकों और सौर उत्पादों जैसे क्षेत्रों के लिए 60 दिनों में अनुमति देने का प्रावधान किया गया है। इससे अब तक लगभग 4,896 करोड़ रुपये के विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के 29 परियोजनाएं भारत में आ चुकी हैं। इसके साथ ही चीन ने दुर्लभ पृथ्वी चुम्बकों, उर्वरकों तथा सुरंग खोदने वाली मशीनों पर लगे निर्यात प्रतिबंधों को भी हटा दिया है। सीमा विवाद पर बातचीत भी तेज हुई है तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल बीजिंग में पांच वर्षों के बाद सीमा वार्ता के लिए गए हैं।
इस पुनर्संतुलन का महत्व बैंकिंग, एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है। बैंकिंग क्षेत्र में विदेशी निवेश प्रवाह तथा व्यापार नीति में स्थिरता से मुद्रा बाजार तथा सरकारी बांडों की तरलता प्रभावित होती है, जिसका सीधा संबंध आरबीआई की मौद्रिक नीति से है। एसएससी तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में विदेश व्यापार, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश तथा भू-राजनीतिक कारकों पर आधारित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इस संदर्भ में अमेरिका तथा चीन के साथ व्यापारिक समझौतों तथा निवेश नियमों में हुए बदल
स्रोत: orissapost.com
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