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Indian Navy commissions deep-sea diving vessel INS Nipun — labelled illustration

✎ INS निपुण गहरे समुद्र गोताखोर अभियानों और पनडुब्बी बचाव के लिए भारतीय नौसेना की क्षमता को बढ़ाता है।

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भारतीय नौसेना ने 31 अगस्त 2026 को मुंबई में गहरे समुद्र में गोताखोरी करने वाले पोत आईएनएस नipun को कमीशन किया। यह नौसेना का दूसरा डीप-सी डाइविंग सपोर्ट वेसल (डीएसवी) है, जिसे हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित किया गया है। 119.4 मीटर लंबे और 10,500 टन क्षमता वाले इस जहाज की गोताखोरी क्षमता 300 मीटर तक है। इसका उपयोग त्वरित पनडुब्बी बचाव, आपदा राहत और मानवीय अभियानों में किया जा सकता है। नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान में वैश्विक स्तर पर समुद्री क्षेत्र में रणनीतिक उथल-पुथल चल रही है, जिसमें पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट भी शामिल है। इससे उत्पन्न नई चुनौतियों के मद्देनजर आईएनएस नipun जैसी अत्याधुनिक पोतों की भूमिका और महत्व बढ़ जाता है।

इस कमीशनिंग का बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष महत्व है। बैंकिंग क्षेत्र में जहां राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे करेंट अफेयर्स के तहत पूछे जाते हैं, वहीं एसएससी में रक्षा संबंधी समाचारों से प्रश्न पूछे जा सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी में भी वैश्विक और राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में नीति निर्माण और संसाधन आवंटन जैसे विषयों पर सवाल उठाए जा सकते हैं। इस प्रकार, आईएनएस नipun जैसे पोतों के कमीशन होने से भारतीय नौसेना की क्षमता में वृद्धि होती है, जो देश की सामरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन में महत्वपूर्ण योगदान देती है। ऐसे मुद्दे परीक्षाओं में विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से भी पूछे जा सकते हैं।

स्रोत: The Hindu


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