✎ FY27 में सरकार का राजकोषीय घाटा लक्ष्य का 26.8% तक पहुँच गया, जो राजकोषीय अनुशासन और राज्यों को हस्तांतरण पर असर डाल रहा है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy
**केंद्र सरकार का वित्त वर्ष 2026-27 का राजकोषीय घाटा जुलाई अंत तक पूर्ण वर्ष के लक्ष्य का 26.8% पहुंचा: सरकारी आंकड़े**
केंद्र सरकार का वित्त वर्ष 2026-27 का राजकोषीय घाटा जुलाई माह के अंत तक पूर्ण वर्ष के लक्ष्य का 26.8 प्रतिशत पहुंच गया है, जैसा कि नियंत्रक महालेखाकार (CGA) द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों से पता चला है। इससे पूर्व वित्त वर्ष 2025-26 की पहली चार माह में यह घाटा बजट अनुमान (BE) का 29.9 प्रतिशत था। इसी अवधि में राजकोषीय घाटा, जो सरकार के व्यय और राजस्व के बीच का अंतर होता है, 4,55,144 करोड़ रुपये रहा। सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी के 4.3 प्रतिशत अथवा 16.96 लाख करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे का लक्ष्य रखा है। CGA के अनुसार, अप्रैल-जुलाई 2026 तक केंद्र का शुद्ध कर राजस्व लगभग 8.45 लाख करोड़ रुपये रहा, जो कुल प्राप्तियों के 29.5 प्रतिशत के बराबर है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 23.3 प्रतिशत था। इसी प्रकार, कुल व्यय 17.62 लाख करोड़ रुपये रहा, जो बजट अनुमान का 32.9 प्रतिशत है, जबकि पिछले वर्ष यह 30.9 प्रतिशत था। इस दौरान राज्यों को करों के बंटवारे के रूप में 3,72,354 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 56,190 करोड़ रुपये कम हैं।
**परीक्षा की दृष्टि से महत्व:**
बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी तथा एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में अर्थव्यवस्था अनुभाग से संबंधित प्रश्न अक्सर राजकोषीय नीति, सरकारी बजट, राजस्व-व्यय संतुलन तथा जीडीपी से जुड़े होते हैं। इस समाचार से यह समझने में मदद मिलती है कि सरकार का राजकोषीय घाटा नियंत्रण में है अथवा नहीं, जो बैंकिंग प्रणाली पर इसके प्रभाव, ब्याज दरों
स्रोत: orissapost.com
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