✎ 2003 के बाद नियुक्त कर्मियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ नहीं मिलेगा, हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2003 के बाद राज्य सरकार के विभागों, निगमों अथवा बोर्डों में स्थायी रूप से शामिल किए गए कर्मियों को केंद्रीय नागरिक सेवा (पेंशन) नियम 1972 के अंतर्गत पुरानी पेंशन योजना का लाभ प्राप्त नहीं होगा। न्यायालय ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि सरकार द्वारा 1 मई 2018 से पेंशन वापस लेने का निर्णय कानूनी रूप से वैध था। न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया तथा न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी की पीठ ने मृतक कर्मचारी धनी राम के मामले में अपील खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि पुरानी पेंशन योजना का लाभ केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिल सकता है जो 14 मई 2003 अथवा उससे पूर्व अपने मूल विभाग में नियमित हुए थे। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि 1 मई 2018 से पहले दिए गए पेंशन के भुगतान की वसूली नहीं की जाएगी, किंतु इसके पश्चात पेंशन बंद कर दी गई थी।
यह फैसला बैंकिंग, एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे सरकारी नीतियों, न्यायिक निर्णयों तथा प्रशासनिक सुधारों के संदर्भ में उम्मीदवारों की समझ का परीक्षण किया जा सकता है। विशेष रूप से आरबीआई ग्रेड बी के लिए यह विषय सरकारी कर्मचारियों के पेंशन संबंधी कानूनों तथा न्यायिक व्याख्याओं के अध्ययन में सहायक सिद्ध होगा। इसके अतिरिक्त, बैंक पीओ तथा एसएससी परीक्षाओं में भी प्रशासनिक सुधारों तथा न्यायपालिका की भूमिका से संबंधित प्रश्नों के लिए यह एक प्रासंगिक उदाहरण बन सकता है।
स्रोत: amarujala.com
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