✎ सर्वोच्च न्यायालय में न्यायविदों की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 124(3) द्वारा संभव है, किंतु अब तक इसका उपयोग नहीं हुआ है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
**सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में कानूनविदों की नियुक्ति संभव? | समझाया गया**
संविधान के अनुच्छेद 124(3) के तहत, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के तीन रास्ते निर्धारित हैं—किसी व्यक्ति को उच्च न्यायालय का न्यायाधीश कम से कम पांच वर्ष तक रह चुका हो, उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में कम से कम दस वर्ष तक कार्य कर चुका हो, अथवा राष्ट्रपति की राय में “प्रख्यात कानूनविद” हो। हालांकि, इस प्रावधान का अभी तक उपयोग नहीं किया गया है। संविधान सभा में इस श्रेणी को शामिल करने का उद्देश्य न्यायपालिका में विविधता लाना था, जैसा कि अमेरिका में फेलिक्स फ्रैंकफर्टर जैसे कानूनविदों की नियुक्ति से स्पष्ट होता है। फिर भी, कानूनी विद्वानों की न्यायिक अनुभव की कमी और न्यायालय की प्रक्रियात्मक मांगों के प्रति अपरिचितता जैसे कारणों से इस प्रावधान का प्रयोग नहीं किया गया है।
बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से यह विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि संविधान के मूल प्रावधानों, न्यायपालिका की संरचना एवं नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। इसके अतिरिक्त, भारतीय संविधान के निर्माण के दौरान हुई बहसें, जैसे न्यायाधीशों की नियुक्ति के विभिन्न मार्गों पर चर्चा, प्रारंभिक इतिहास एवं संवैधानिक संशोधनों के माध्यम से इस प्रावधान के विकास को समझने से परीक्षार्थियों को भारतीय राजनीति एवं संविधान के प्रमुख पहलुओं पर पकड़ मजबूत करने में मदद मिलेगी।
स्रोत: The Hindu
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