✎ भारत का CAD पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण बढ़ा, वस्तु व्यापार घाटा प्रमुख कारण रहा।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy
भारत का चालू खाता घाटा (सीएडी) वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में बढ़कर 4.2 अरब डॉलर (जीडीपी का 0.5%) हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 3.4 अरब डॉलर (0.4%) था। इसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण माल व्यापार घाटे में तेजी से वृद्धि होना है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी किए गए भुगतान संतुलन (बीओपी) के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून 2026-27 की अवधि में माल व्यापार घाटा बढ़कर 86.1 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 68.9 अरब डॉलर था। सेवा क्षेत्र में सुधार देखने को मिला, जहां शुद्ध सेवा प्राप्तियां बढ़कर 51.6 अरब डॉलर हो गईं, जबकि निवेश आय भुगतान में कमी आई। विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) में वृद्धि हुई, जबकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) में भारी बहिर्गमन देखा गया। विदेशी मुद्रा भंडार में भी 8.1 अरब डॉलर की कमी आई।
यह स्थिति बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैंकिंग परीक्षाओं में अर्थव्यवस्था अनुभाग से सीएडी, बीओपी और विदेशी निवेश जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जाते हैं, जबकि एसएससी में सामान्य जागरूकता के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाक्रम शामिल होते हैं। आरबीआई ग्रेड बी में नीति निर्माण और आर्थिक संकेतकों की गहरी समझ की आवश्यकता होती है, जहां सीएडी के बढ़ने से मौद्रिक नीति और विदेशी मुद्रा प्रबंधन पर प्रभाव पड़ सकता है। इस प्रकार, इस घटना का विश्लेषण परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत प्रासंगिक है।
स्रोत: orissapost.com
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