✎ विकेंद्रित अनाज भंडारण योजना से पैक्स माध्यम से खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी और कृषि अर्थव्यवस्था को सहारा मिलेगा।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
भारत के कृषि उत्पादन में निरंतर वृद्धि और खाद्य सुरक्षा की बढ़ती आवश्यकताओं के मद्देनजर सहकारिता क्षेत्र में विकेंद्रित अनाज भंडारण योजना की शुरुआत की गई है। वर्ष 2023 में शुरू हुई यह योजना प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) के माध्यम से भंडारण, प्रसंस्करण, खरीद और वितरण प्रणालियों को सुदृढ़ बनाने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य मौजूदा सरकारी योजनाओं को एकीकृत कर सहकारिता संचालित दृष्टिकोण अपनाना है, जिसमें कृषि अवसंरचना कोष, कृषि विपणन अवसंरचना योजना और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना जैसी पहलों का समन्वय शामिल है। जुलाई 2026 तक इस योजना के तहत 313 पैक्स में 1.80 लाख मीट्रिक टन से अधिक की भंडारण क्षमता विकसित की जा चुकी है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्ति, परिवहन लागत में कमी और खाद्यान्न की बर्बादी में कमी जैसे लाभ मिल रहे हैं। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जो बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए भी अत्यंत प्रासंगिक है।
इस योजना का क्रियान्वयन राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा किया जा रहा है, जिसमें राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तरों पर समन्वय स्थापित किया गया है। पैक्स के माध्यम से विकेंद्रित भंडारण सुविधाओं के विकास से ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण हो रहा है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को भी बल मिल रहा है। यह पहल केंद्र सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘डबल फार्मर्स इनकम’ जैसी पहलों के अनुरूप है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगी। बैंकिंग क्षेत्र के लिए यह योजना ग्रामीण ऋण प्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में निवेश के अवसरों को भी बढ़ावा देगी,
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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