✎ अरावली संरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति को अपनी रिपोर्ट के लिए और समय चाहिए क्योंकि इसमें व्यापक वैज्ञानिक एवं पारिस्थितिकी आकलन शामिल है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
**एससी द्वारा नियुक्त अरावली पैनल ने अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए छह महीने का विस्तार मांगा**
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित अरावली हाई-पावर्ड कमेटी (एचपीसी) ने अपने अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समयसीमा को छह महीने बढ़ाने का अनुरोध किया है। कमेटी ने अपनी 31 अगस्त, 2026 को दायर रिपोर्ट में बताया कि उसे अरावली पर्वतमाला के व्यापक और वैज्ञानिक आकलन के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। इसमें भू-स्थानिक मूल्यांकन, विशेषज्ञ परीक्षण, क्षेत्रीय निरीक्षण और हितधारकों से प्रतिक्रिया शामिल है। कमेटी ने न्यायालय से यह अवधि बढ़ाकर 28 फरवरी, 2027 तक करने की मांग की है, ताकि वह अरावली के पारिस्थितिकी तंत्र, भूवैज्ञानिक संरचना, जल संसाधनों और सामाजिक-आर्थिक पहलुओं का गहन अध्ययन कर सके।
यह मामला बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और कानूनी प्रक्रिया जैसे विषय शामिल हैं। बैंकिंग क्षेत्र में, ऐसे मामले पर्यावरणीय जोखिम मूल्यांकन और नियामक ढांचे के अध्ययन में उपयोगी होते हैं। एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी में भी पर्यावरण नीति, न्यायिक हस्तक्षेप और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। अरावली जैसे संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्रों के संरक्षण से संबंधित मुद्दे राष्ट्रीय महत्व के हैं और इनका सीधा संबंध भारत की विकास नीतियों से भी है।
स्रोत: orissapost.com
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