✎ कानपुर की आर्थिक स्थिति में गिरावट, निवेश एवं ऋण वितरण में चुनौतियां प्रमुख कारण।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
कानपुर का आर्थिक प्रदर्शन उत्तर प्रदेश में लगातार गिरावट का सामना कर रहा है, जैसा कि राज्य की आर्थिक समीक्षा (2024-25) में सामने आया है। जहां एक ओर कानपुर की सकल जिला घरेलू उत्पाद (एसजीडीपी) 86,177.93 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, वहीं प्रति व्यक्ति वार्षिक आय मात्र 1,47,443 रुपये है, जो राष्ट्रीय औसत 2,05,324 रुपये से काफी पीछे है। इसके अतिरिक्त, निर्माण क्षेत्र में उत्पादन का हिस्सा 35.30 प्रतिशत है, जबकि कार्यबल का केवल 3.33 प्रतिशत ही इस क्षेत्र में लगा हुआ है। दूसरी ओर, 43.10 प्रतिशत कार्यबल अभी भी कृषि पर निर्भर है, जिससे श्रम और उत्पादन के बीच असंतुलन स्पष्ट हो रहा है। ऐसे में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए एमएसएमई और विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक हो गया है।
बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के लिए भी कानपुर की स्थिति चिंताजनक है, जहां कुल बैंक ऋण में उद्योग ऋण की हिस्सेदारी मात्र 6.95 प्रतिशत है। निवेश प्रस्तावों के जमीन पर उतरने की गति धीमी होने के कारण औद्योगिक इकाइयों तक ऋण और वित्तीय संसाधनों की पहुंच सीमित है। इसके अलावा, कृषि क्षेत्र में उर्वरकों के असंतुलित उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जो दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा है। इन चुनौतियों को देखते हुए, बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए यह मामला महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे आर्थिक विकास, वित्तीय समावेशन और नीति निर्माण जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
स्रोत: amarujala.com
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