✎ नवंबर 27 को बाल-विवाह निरोध दिवस के रूप में मनाने से वैश्विक एवं राष्ट्रीय स्तर पर बाल विवाह रोकने के प्रयासों को बल मिला है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: International Relations
**ए.पी. के एक एनजीओ ने संयुक्त राष्ट्र के 27 नवंबर को ‘बाल विवाह विरोधी वैश्विक दिवस’ घोषित करने के फैसले का स्वागत किया**
विजयवाड़ा स्थित महिला संगठन वसाव्या महिला मंडली (वीएमएम) की अध्यक्ष बी. कीर्ति ने रविवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा 27 नवंबर को ‘बाल विवाह विरोधी वैश्विक दिवस’ के रूप में घोषित करना बाल विवाह उन्मूलन के लिए चल रहे प्रयासों की अंतरराष्ट्रीय मान्यता है। उन्होंने बताया कि वीएमएम ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन’ (जेआरसी) के साथ मिलकर एनटीआर और कृष्णा जिलों में बाल विवाह रोकने के लिए जमीनी स्तर पर अभियान चला रही है। कीर्ति ने कहा कि यह फैसला भारत के लिए गर्व का विषय है, जहां सरकार ने 27 नवंबर, 2024 को ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान शुरू किया था। उन्होंने जोर दिया कि यह अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता अब जमीनी स्तर पर क्रियान्वित होनी चाहिए, क्योंकि तब तक लड़ाई अधूरी रहेगी जब तक एक भी बच्चा बाल विवाह के जोखिम में हो।
जेआरसी के आंध्र प्रदेश राज्य समन्वयक बी. चंद्रशेखर ने बताया कि संगठन 782 जिलों में सरकारों के साथ मिलकर काम कर रहा है, जिसमें समुदायों, स्कूलों, पंचायतों, पुलिस और धार्मिक नेताओं को शामिल किया गया है। उनके अनुसार, इस सामूहिक प्रयास से अब तक 5.5 लाख से अधिक बाल विवाह रोके जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि जेआरसी के संस्थापक भुवन रिबू ने मार्च 2026 में अंतरराष्ट्रीय नेताओं के सामने इस वैश्विक दिवस की मांग रखी थी, जिसमें सिएरा लियोन की प्रथम महिला डॉ. फातिमा मादा बियो सहित 67 देशों ने समर्थन दिया था। यह प्रस्ताव 4 सितंबर, 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा पारित किया गया। यह मुद्दा बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें अंतर
स्रोत: The Hindu
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