✎ पीएसीटी एवं ज़ेडईटी मार्केटप्लेस से भारत में शून्य-उत्सर्जन माल ढुलाई को बढ़ावा मिलेगा।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
नीति आयोग ने 5वें ई-फास्ट इंडिया शिखर सम्मेलन 2026 में ‘पीएसीटी’ (पीयर-टू-पीयर एक्शन फॉर क्लीन ट्रांसपोर्ट) पहल की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य भारत में शून्य-उत्सर्जन माल ढुलाई को बढ़ावा देना है। पीएसीटी देश भर के माल ढुलाई इकोसिस्टम के हितधारकों—जैसे शिपर्स, लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता, वाहन निर्माता, फाइनेंसर, चार्जिंग प्वाइंट ऑपरेटर आदि—के बीच निरंतर संवाद स्थापित कर बड़े पैमाने पर ई-ट्रकों के व्यावसायिक आधार को सुदृढ़ करेगा। इसके साथ ही, ज़ेडईटी मार्केटप्लेस नामक एक नया व्यावसायिक मंच भी लॉन्च किया गया, जो ई-ट्रक निर्माताओं, एलएसपी, सीपीओ, वित्तदाताओं और तकनीकी कंपनियों को जोड़कर शून्य-उत्सर्जन माल ढुलाई परियोजनाओं को मूर्त रूप देने में सहायक होगा। नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने इस पहल को देश के स्वच्छ परिवहन भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जबकि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने लॉजिस्टिक्स संचालन, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचारों पर जोर दिया।
यह पहल बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसका संबंध नीति आयोग जैसे संवैधानिक निकायों की भूमिका, सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन, और हरित अर्थव्यवस्था से जुड़े आर्थिक सुधारों से है। पीएसीटी और ज़ेडईटी मार्केटप्लेस जैसी पहलों से माल ढुलाई क्षेत्र में निवेश आकर्षित होगा, जिससे बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा, शून्य-उत्सर्जन वाहनों के प्रोत्साहन से पर्यावरणीय लक्ष्यों की प्राप्ति में मदद मिलेगी, जो आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में पर्यावरणीय विनियमन और स्थायी विकास जैसे विषयों से संबंधित प्रश्नों के लिए
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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