✎ भारत में माल ढुलाई क्षेत्र के विद्युतीकरण के लिए पीएसीटी और ज़ेडईटी मार्केटप्लेस महत्वपूर्ण पहल हैं, जो 2070 तक नेट जीरो लक्ष्य और 2047 तक विकसित भारत के विजन को पूरा करने में सहायक होंगे।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
नीति आयोग के सदस्य श्री राजीव गौबा ने हाल ही में 5वें ई-फास्ट इंडिया शिखर सम्मेलन 2026 में ‘पीएसीटी’ (प्लेटफॉर्म फॉर एग्रीगेटिंग क्लीन ट्रांसपोर्ट) और ‘ज़ेडईटी’ (जीरो एमिशन ट्रक) मार्केटप्लेस का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि ये प्लेटफॉर्म देश के माल ढुलाई क्षेत्र में विद्युतीकरण को बढ़ावा देने के लिए तैयार किए गए हैं, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग को एकत्रित करने, वित्तपोषण नवाचारों को प्रोत्साहित करने और कॉरिडोर-आधारित परियोजनाओं को विकसित करने में मदद मिलेगी। श्री गौबा ने जोर दिया कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में संक्रमण आर्थिक, पर्यावरणीय और रणनीतिक दृष्टि से आवश्यक है, क्योंकि यह 2070 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन के लक्ष्य और 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण को पूरा करने में सहायक होगा। उन्होंने सरकार की विभिन्न पहलों जैसे पीएलआई योजनाओं, चार्जिंग अवसंरचना के विस्तार और मांग-पक्षीय योजनाओं (एफएएमई, पीएम ई-ड्राइव, परिवर्तन) का उल्लेख किया, जिनसे इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में वृद्धि हुई है।
इस पहल का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है। बैंकिंग क्षेत्र में, यह सरकारी नीतियों, सब्सिडी योजनाओं और अवसंरचना विकास के माध्यम से आर्थिक विकास को गति देने के दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो बैंकिंग परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाने वाले विषय हैं। एसएससी परीक्षाओं के लिए, यह पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और सरकारी पहलों के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव जैसे विषयों से जुड़ा है। आरबीआई ग्रेड बी जैसी विशेष परीक्षाओं में, यह सरकारी नीतियों के आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभाव, सब्सिडी और वित्तपोषण मॉडल जैसे मुद्दों के विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से प्रासंगिक है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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