✎ एससी/एसटी विधायकों की सुरक्षा एवं गरिमा सुनिश्चित करना सरकार एवं पुलिस की जिम्मेदारी है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
हाल ही में तेलंगाना राज्य अनुसूचित जाति (एससी) एवं अनुसूचित जनजाति (एसटी) आयोग ने राज्य पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर राज्य विधानसभा में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान भारतीय राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विधायकों पर कथित हमले एवं अनुचित व्यवहार की जांच कराने की मांग की है। आयोग के अध्यक्ष के. वेंकटैया ने सोमवार को डीजीपी को भेजे गए पत्र में घटना की व्यापक जांच कर 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने पुलिस से घटना के दृश्य प्रमाण, सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य साक्ष्यों सहित कार्यवाही रिपोर्ट मांगी है। आयोग का कहना है कि ऐसी घटनाएं अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के निर्वाचित प्रतिनिधियों की गरिमा, सुरक्षा एवं कानूनी अधिकारों के संरक्षण को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न करती हैं।
यह मामला भारतीय राजनीति में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के अधिकारों एवं सुरक्षा के मुद्दों पर प्रकाश डालता है, जो बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। बैंक पीओ, एसबीआई एवं आईबीपीएस जैसी परीक्षाओं में शासन व्यवस्था, संवैधानिक संस्थाओं एवं अल्पसंख्यक वर्गों के अधिकारों से संबंधित प्रश्नों में इस घटना का संदर्भ दिया जा सकता है। इसी प्रकार, आरबीआई ग्रेड बी के पाठ्यक्रम में सामाजिक न्याय, सांविधिक निकायों की भूमिका एवं पुलिस व्यवस्था जैसे विषय शामिल हैं, जिनके तहत इस घटना का विश्लेषण किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, एसएससी सीजीएल एवं सीएचएसएल जैसी परीक्षाओं में भी संविधान के अनुच्छेद 338 एवं 338ए के तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग एवं राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की भूमिका पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जिनके संदर्भ में इस घटना को समझा जा सकता है।
स्रोत: The Hindu
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


1 comment on “एससी/एसटी आयोग ने बीआरएस विधायकों पर हमले की जांच की मांग की”