✎ स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कारों के माध्यम से शहरों और वार्डों को वायु गुणवत्ता सुधारने के प्रयासों को मान्यता मिली है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
स्वच्छ वायु दिवस 2026 के अवसर पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शहरों और वार्डों को 5वें स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार प्रदान किए गए। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव ने इस अवसर पर कहा कि स्वच्छ वायु एक मूलभूत आवश्यकता है, जिसे स्थानीय निकायों द्वारा नागरिकों को जागरूक कर, नवीनतम तकनीकों को अपनाकर और समग्र दृष्टिकोण अपनाकर प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने विकास और पर्यावरण संरक्षण को परस्पर विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक बताया। इसके अलावा, पर्यावरण मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन पद्धतियों का संकलन भी जारी किया, जिसमें 130 शहरों में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए उठाए गए कदमों को शामिल किया गया है। एनसीएपी के तहत 108 शहरों में पीएम 10 के स्तर में सुधार देखा गया है, जबकि 72 शहरों में 20% से अधिक की कमी दर्ज की गई है। यह पहल न केवल पर्यावरणीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि आर्थिक विकास और शहरी नियोजन के लिए भी प्रासंगिक है, जिससे बैंकिंग और सरकारी परीक्षाओं के लिए उपयोगी जानकारी मिलती है।
इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कारों के माध्यम से शहरों की रैंकिंग की गई, जिसमें तीन जनसंख्या समूहों (3 लाख से कम, 3-10 लाख, 10 लाख से अधिक) के आधार पर पुरस्कार दिए गए। पर्यावरण सचिव तन्मय कुमार ने बताया कि एनसीएपी एक बहुआयामी ढांचा है, जिसमें 130 शहरों को 16,425 करोड़ रुपये का प्रदर्शन-आधारित अनुदान भी प्रदान किया गया है। यह पहल सरकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन और जन-भागीदारी को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, जो बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में शासन और अर्थव्यवस्था से संबंधित प्रश्नों के लिए
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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