✎ राष्ट्रीय पोषण माह 2026 पोषण को जन आंदोलन बनाकर कुपोषण मुक्त भारत 2047 का लक्ष्य रखता है।
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महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 9 सितंबर 2026 को वाराणसी में राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य राष्ट्रव्यापी अभियान के माध्यम से आहार विविधता, पर्याप्त प्रोटीन और ताजे पके भोजन पर विशेष ध्यान केंद्रित करना है। इस अभियान का मुख्य विषय “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी ज़िम्मेदारी” रहा, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भाग लिया। मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्र 7.5 करोड़ बच्चों, 1.10 करोड़ गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं तथा 16 लाख किशोरियों को पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने जीवन के पहले 1000 दिनों के महत्व पर बल देते हुए कहा कि सरकार दो लाख आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम बनाने की योजना बना रही है, जिसमें उत्तर प्रदेश के लगभग 24 हजार केंद्र शामिल हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 10 वर्षों में 4.65 करोड़ माताओं को 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित किए जाने का उल्लेख किया, जो मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार का प्रमाण है।
इस अभियान का राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के रूप में आयोजन 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक किया जाएगा, जिसमें आंगनवाड़ी केंद्रों में ताजे पके भोजन, घर ले जाने वाले राशन तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनवाड़ी केंद्रों को जीवंत सामुदायिक संस्थानों के रूप में विकसित करने तथा स्मार्टफोन के माध्यम से डिजिटल निगरानी को बढ़ावा देने की बात कही। महिला एवं बाल विकास सचिव अनिल मलिक ने इस अभियान को सरकारी कार्यक्रम से आगे बढ़ाकर जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया। इस अभियान के माध्यम से सरकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन तथा सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से कुपोषण
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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