✎ शुष्क भूमि को कमजोरी नहीं, सही विज्ञान, नीति एवं बाजार से ताकत बनाएं।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में ‘ड्राईलैंड कांग्रेस 2026’ के उद्घाटन सत्र में कहा कि शुष्क भूमि को कमजोरी नहीं, बल्कि सही विज्ञान, नीति और बाजार के समर्थन से भारत एवं वैश्विक दक्षिण के लिए ताकत का स्रोत बनाया जा सकता है। उन्होंने जोर दिया कि शुष्क भूमि कृषि में बदलाव लाने के लिए संपूर्ण-प्रणाली, संपूर्ण-समाज एवं संपूर्ण-सरकार दृष्टिकोण अपनाना होगा, जिसमें खाद्य सुरक्षा, पोषण सुरक्षा और किसानों की आजीविका को केंद्र में रखा जाए। इस सम्मेलन में 25 से अधिक देशों के 800 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिसमें वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत और किसानों ने मिलकर शुष्क भूमि कृषि के लिए तकनीकी, नीति और बाजार आधारित समाधानों पर चर्चा की। चौहान ने स्पष्ट किया कि सफलता का पैमाना केवल उत्पादन वृद्धि नहीं, बल्कि किसानों की बेहतर आजीविका और समृद्धि भी होना चाहिए।
इस विषय का महत्व बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें कृषि नीति, जलवायु परिवर्तन, ग्रामीण विकास और बाजार अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल हैं, जो सीधे राष्ट्र की आर्थिक स्थिरता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े हैं। परीक्षाओं में ऐसे मुद्दों पर प्रश्न सामान्य ज्ञान, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण जैसे विषयों के अंतर्गत पूछे जा सकते हैं। इसके अलावा, सरकारी योजनाओं, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और तकनीकी नवाचार जैसे पहलुओं पर भी ध्यान केंद्रित किया जा सकता है, जो राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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