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Govt. has no contingency plan to tackle El Niño impact, says Sailajanath — labelled illustration

✎ अल नीनो के कारण उत्पन्न सूखे से निपटने के लिए सरकार को आपदा प्रबंधन योजना तैयार करनी चाहिए और किसानों को तुरंत राहत प्रदान करनी चाहिए।

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प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Geography

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भारत सरकार के पास एल नीनो के प्रभाव से निपटने के लिए कोई आकस्मिक योजना नहीं है, ऐसा सैलाजानाथ ने कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सूखे की स्थिति से निपटने में असफल रही है और किसानों की रक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही। उन्होंने कहा कि राज्य में 54% से 56% तक वर्षा की कमी दर्ज की गई है, जिससे रायलसीमा क्षेत्र में विशेष रूप से मूंगफली, कपास और दलहन जैसी फसलों पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एल नीनो को बहाना बना रही है जबकि कोई आपातकालीन योजना तैयार नहीं की गई है। सैलाजानाथ ने कहा कि किसानों को वैकल्पिक फसलों की सलाह दी गई थी, लेकिन मूंगफली और तूर के बीज उपलब्ध नहीं कराए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रीशैलम बांध के भर जाने के बावजूद रायलसीमा क्षेत्र के परियोजनाओं में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है।

इस मुद्दे का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है। एल नीनो जैसी जलवायु घटनाओं का सीधा प्रभाव कृषि उत्पादन पर पड़ता है, जिससे खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है। बैंकिंग क्षेत्र में, कृषि ऋणों की वसूली और किसानों की आर्थिक स्थिति पर इसका प्रभाव पड़ता है, जिससे एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां) में वृद्धि हो सकती है। एसएससी परीक्षाओं में, भूगोल और पर्यावरण जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं, जिसमें एल नीनो जैसी घटनाओं का अध्ययन शामिल है। आरबीआई ग्रेड बी परीक्षा में, कृषि क्षेत्र से संबंधित आर्थिक नीतियों और उनके प्रभावों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, जिससे यह विषय महत्वपूर्ण हो जाता है।

स्रोत: The Hindu


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1 comment on “सरकार के पास अल नीनो के प्रभाव से निपटने की कोई योजना नहीं: सैलाजानाथ