✎ कोरापुट कॉफी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से वैश्विक पहचान और त्रिपुरा जनजातियों की आय में वृद्धि संभव।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: International Relations
**कॉरापुट कॉफी BRICS शिखर सम्मेलन के लिए रवाना**
कॉरापुट जिले के आदिवासी किसानों द्वारा उगाई जाने वाली विशेष अरबीका कॉफी, जिसे ‘टाइगर ब्लेंड’ के नाम से जाना जाता है, BRICS शिखर सम्मेलन 2026 में अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार है। ओडिशा के कोरापुट जिले में स्थित यह कॉफी अपने स्वाद और जैविक गुणों के लिए प्रसिद्ध है। केंद्र सरकार के अनुरोध पर, ट्राइबल डेवलपमेंट को-ऑपरेटिव कॉर्पोरेशन ऑफ ओडिशा लिमिटेड (TDCCOL) द्वारा 1,500 से अधिक पैकेटों की एक खेप नई दिल्ली भेजी गई है। यह पहल आदिवासी किसानों की आजीविका को मजबूत करने और कॉफी की खेती को बढ़ावा देने के राज्य सरकार के प्रयासों का हिस्सा है।
इस आयोजन के माध्यम से कॉरापुट कॉफी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिलने की उम्मीद है, जिससे ओडिशा की विशेषता वाली अरबीका कॉफी की मांग बढ़ेगी। बैंकिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से यह घटना अंतर्राष्ट्रीय संबंधों, विशेष रूप से BRICS जैसे बहुपक्षीय संगठनों में भारत की भूमिका, आदिवासी कल्याण और कृषि-निर्यात को बढ़ावा देने वाली नीतियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। RBI ग्रेड बी और SSC परीक्षाओं में इससे संबंधित प्रश्न अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, कृषि निर्यात और आदिवासी विकास जैसे विषयों पर पूछे जा सकते हैं।
स्रोत: orissapost.com
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


1 comment on “कोरापुट कॉफी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में होगा प्रदर्शित, जानिए पूरी कहानी”