✎ ब्रिक्स देश वैश्विक वित्तीय संस्थानों में सुधार और एकपक्षीय व्यापार प्रतिबंधों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: International Relations
ब्रिक्स देशों ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक में सुधारों की मांग करते हुए एकतरफा शुल्क और प्रतिबंधों की आलोचना की है। ब्रिक्स ने अपने नई दिल्ली घोषणापत्र में वैश्विक व्यापार व्यवस्था पर बढ़ते संरक्षणवाद और एकतरफा व्यापारिक उपायों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। ब्रिक्स ने कहा कि ऐसे उपाय विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों के विपरीत हैं और वैश्विक व्यापार तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित कर सकते हैं। ब्रिक्स ने डब्ल्यूटीओ के विवाद निपटान तंत्र को बहाल करने और इसके अपीलीय निकाय में नए सदस्यों की नियुक्ति की तत्काल मांग की। इसके साथ ही ब्रिक्स ने एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों की भी निंदा की, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत बताया गया। ब्रिक्स ने कहा कि ऐसे प्रतिबंध लक्षित देशों की जनता के मानवाधिकारों, विकास, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।
बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए यह विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय संगठनों, व्यापार नीतियों और वैश्विक आर्थिक ढांचे की समझ बढ़ती है। आईएमएफ और विश्व बैंक में सुधार की मांग वैश्विक वित्तीय प्रणाली में भारत और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका को रेखांकित करती है, जो परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के लिए प्रासंगिक है। एकतरफा शुल्क और प्रतिबंधों पर ब्रिक्स की आलोचना वैश्विक व्यापार और आर्थिक संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अंतरराष्ट्रीय संबंधों और अर्थव्यवस्था के विषयों से संबंधित प्रश्नों के लिए उपयोगी है।
स्रोत: orissapost.com
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