✎ ब्रिक्स देश शिक्षा में एआई एवं पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए सहयोग करेंगे।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
ब्रिक्स देशों के नेताओं ने शिक्षा में एआई के इस्तेमाल का समर्थन किया और एक वैश्विक विश्वविद्यालय रैंकिंग प्रणाली विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति व्यक्त की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अन्य नेताओं ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। उन्होंने शिक्षा में उभरती प्रौद्योगिकियों, विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के मानव-केंद्रित उपयोग के सर्वोत्तम तरीकों को साझा करने पर जोर दिया। इसके अलावा, ब्रिक्स विश्वविद्यालय वैश्विक रैंकिंग और मूल्यांकन प्रणाली विकसित करने के प्रयासों को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी। नेताओं ने पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों को ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय के भीतर एक नए सहयोगात्मक विषयगत समूह के रूप में शामिल करने के भारत के प्रस्ताव का भी स्वागत किया।
इस पहल का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है। बैंकिंग क्षेत्र में, एआई का उपयोग ग्राहक सेवा, धोखाधड़ी का पता लगाने और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में किया जाता है, जिससे इसकी प्रासंगिकता और बढ़ जाती है। एसएससी परीक्षाओं में भी तकनीकी प्रगति और वैश्विक शिक्षा प्रणालियों के बारे में प्रश्न पूछे जाते हैं, जिससे यह विषय महत्वपूर्ण हो जाता है। आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में, एआई और शिक्षा प्रणाली के एकीकरण से संबंधित नीतिगत पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, जो अर्थव्यवस्था और शासन के व्यापक विषय से जुड़ा हुआ है। इस प्रकार, यह विषय न केवल वर्तमान मामलों की समझ को व्यापक बनाता है, बल्कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है।
स्रोत: The Indian Express
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