✎ बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु राज्य स्तर पर संस्थागत ढांचे, बजट और क्षमता निर्माण पर ध्यान देना आवश्यक है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
एनडीएसए (राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण) ने हाल ही में झारखंड में बांध सुरक्षा तैयारियों और बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के कार्यान्वयन की व्यापक समीक्षा की है। एनडीएसए की टीम ने 8 सितंबर, 2026 को राज्य सरकार के जल संसाधन विभाग के सचिव के साथ बैठक की, जिसमें राज्य बांध सुरक्षा संगठन (एसडीएसओ), जल संसाधन, ऊर्जा तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में निर्दिष्ट बांधों के व्यापक बांध सुरक्षा मूल्यांकन (सीडीएसई), आपातकालीन कार्य योजनाओं (ईएपी) तथा संचालन एवं रखरखाव नियमावलियों की स्थिति की समीक्षा करना था। एनडीएसए ने विशेषज्ञों के स्वतंत्र पैनल (आईपीओई) के गठन, समयबद्ध बांध निरीक्षण तथा सीडीएसई रिपोर्टों के शीघ्र प्रस्तुतीकरण पर जोर दिया। इसके साथ ही, राज्य से श्रेणी-II के बांधों के पुनर्वास हेतु एक समयबद्ध कार्य योजना तैयार करने का अनुरोध किया गया। बैठक में राज्य के संस्थागत ढांचे को मजबूत करने, एसडीएसओ का पुनर्गठन तथा बांध सुरक्षा के लिए अलग बजट आवंटन की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। टीम ने 8-9 सितंबर, 2026 को नलकारी बांध तथा लतरातु बांध का दौरा कर सुरक्षा पहलुओं की समीक्षा की और पाई गई कमियों को दूर करने के निर्देश दिए।
यह समीक्षा बैंकिंग, एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 का कार्यान्वयन राष्ट्रीय स्तर पर बुनियादी ढांचे की सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन से जुड़ा हुआ है, जो परीक्षाओं में प्रशासनिक सुधारों तथा विधायी पहलों के संदर्भ में पूछा जा सकता है। इसके अलावा, एनडीएसए जैसी संस्थाओं की भूमिका, राज्य सरकारों के सहयोग तथा बजट आवंटन जैसे विषय भी प्रशासनिक व्यवस्था तथा आर्थिक नियोजन के तहत परीक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल होते हैं। ब
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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