✎ श्रेयस योजना एससी एवं ओबीसी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु वित्तीय एवं गुणवत्तापूर्ण सहायता प्रदान करती है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**श्रेयस योजना** सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करना है। यह योजना चार प्रमुख घटकों—निःशुल्क कोचिंग, प्रतिष्ठित संस्थानों में शिक्षा, विदेश में अध्ययन और शोध फेलोशिप—के माध्यम से विद्यार्थियों के शैक्षिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है। वर्ष 2014-15 से 2025-26 तक इस योजना पर 3,509.39 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं, जिससे 1.18 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिला है। केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने बताया कि नि:शुल्क कोचिंग से लेकर विदेश में उच्च शिक्षा तक, यह योजना विद्यार्थियों को आर्थिक बाधाओं से मुक्त कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करती है।
**बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए इसकी प्रासंगिकता** अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकारी योजनाओं, बजट आवंटन, सामाजिक न्याय और अधिकारिता नीतियों पर आधारित प्रश्न अक्सर इन परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। श्रेयस योजना का उल्लेख राष्ट्रीय शिक्षा नीति, सामाजिक समावेशन और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) से भी जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा, योजना के घटकों जैसे निःशुल्क कोचिंग, फेलोशिप और विदेशी अध्ययन के माध्यम से सरकार की प्रतिभा विकास और कौशल वृद्धि पर ध्यान केंद्रित करने का भी परीक्षा में उल्लेख किया जा सकता है। इस प्रकार, यह योजना न केवल समाज के वंचित वर्गों के उत्थान का माध्यम है, बल्कि सरकारी परीक्षाओं के लिए भी एक प्रमुख विषय बन गई है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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