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प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी: आवासन, समावेशन और सशक्तीकरण की कहानी — diagram
PMAY-U 2.0 StructureTechnology LayerGeo-tagging, real-time dashboardImplementation LayerPMAY-U 2.0Target GroupsEWS, LIG, MIG, slum dwellersCore MissionHousing for all in urban areas
PMAY-U 2.0 Structure

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

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**प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी (PMAY-U)** देश के शहरी क्षेत्रों में “सभी के लिए आवास” सुनिश्चित करने वाला एक प्रमुख मिशन है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG), मध्यम आय वर्ग (MIG) तथा झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्के मकान उपलब्ध कराना है। इस योजना की शुरुआत जून 2015 में हुई थी, जिसकी मूल अवधि मार्च 2022 तक थी, किंतु परियोजनाओं के पूर्ण होने में देरी के कारण इसे 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाया गया है। वर्ष 2024 में पुनर्गठित PMAY-U 2.0 के माध्यम से महिलाओं, प्रवासी श्रमिकों तथा अन्य संवेदनशील वर्गों तक लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। योजना में जियो-टैगिंग तथा रियल-टाइम डैशबोर्ड जैसी तकनीकी प्रणालियों के माध्यम से पारदर्शिता और निगरानी को सुदृढ़ किया गया है, जिससे लाभार्थियों तक सीधे सहायता पहुंचाने में मदद मिली है। आवास के माध्यम से न केवल रहने की स्थिति में सुधार होता है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा तथा वित्तीय सुरक्षा पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे परिवारों को स्थिरता और आत्मविश्वास मिलता है।

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PMAY-U 2.0 के अंतर्गत चार घटकों—लाभार्थी-आधारित निर्माण (BLC), साझेदारी में किफायती आवास (AHP), किफायती किराये का आवास (ARH) तथा ब्याज सब्सिडी योजना (ISS)—के माध्यम से आवासीय आवश्यकताओं को पूरा किया जा रहा है। BLC तथा AHP के तहत EWS वर्ग को ₹2.5 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जबकि ARH घटक प्रवासी श्रमिकों तथा शहरी गरीबों को सुरक्षित किराये के आवास उपलब्ध कराता है। ISS के माध्यम से गृह ऋणों पर ब्याज सब्सिडी दी जाती है, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों को भी लाभ मिलता है। यह योजना न केवल आवास की कमी को दूर करती है, बल्कि शहरी विकास में समावेशिता और सशक्तीकरण को

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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