
✎ RoDTEP निर्यातकों को कर वापसी देकर वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सहायता करता है और सरकार इसे 2026-27 तक बढ़ाने की योजना बना रही है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
सरकारी सूत्रों के अनुसार, निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार ‘निर्यात उत्पादों पर शुल्क एवं करों की वापसी (RoDTEP)’ योजना को और विस्तार देने की संभावना रखती है। यह योजना अप्रैल 2026 तक छह महीने के लिए बढ़ाई गई थी, किंतु अब वाणिज्य मंत्रालय वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के साथ मिलकर इसे अगले पांच वर्षों तक जारी रखने पर चर्चा कर रहा है। इसके लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 23,000 करोड़ रुपये के आवंटन का अनुरोध किया है, जबकि चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 18,232 करोड़ रुपये और इससे पूर्व 2024-25 में 10,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। RoDTEP योजना 2021 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य निर्यातकों को उत्पादन एवं वितरण के दौरान चुकाए गए केंद्रीय, राज्य एवं स्थानीय स्तर के करों एवं शुल्कों की वापसी प्रदान करना है, जो अन्य कार्यक्रमों के अंतर्गत वापस नहीं होते। यह योजना वैश्विक बाजार में भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्रदान करती है, जिसमें वापसी की दर 0.3% से 3.9% तक है। मध्य पूर्व संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक बाजार में अनिश्चितता एवं शिपिंग व्यवधानों के बीच निर्यातकों को राहत देने के लिए अप्रैल 2026 में इस योजना का विस्तार किया गया था। सरकार MSME सहित निर्यातकों को सहायता प्रदान कर निर्यात गति बनाए रखना चाहती है, ताकि रोजगार के अवसर सुरक्षित रह सकें।
बैंकिंग, SSC एवं RBI ग्रेड बी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से यह योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था एवं सरकारी नीतियों के प्रभाव को समझने में मदद मिलती है। बैंकिंग परीक्षाओं में इसके माध्यम से निर्यात सब्सिडी, कर नीति एवं सरकारी बजट आवंटन जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। SSC परीक्षाओं में भी इसे अर्थव्यवस्था एवं व्यापार नीतियों के संदर्भ में शामिल किया जा सकता है, जबकि RBI ग्रेड बी परीक्षाओं में निर्यात सब्सिडी के आर्थिक प्रभाव
स्रोत: orissapost.com
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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