
✎ EV adoption is strategically essential for India’s economic, environmental, and energy security goals by 2047.
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नीति आयोग द्वारा हाल ही में लॉन्च किया गया इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स (आईईएमआई) 2.0, देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने इसे ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया, जिसका उद्देश्य आर्थिक, पर्यावरणीय और सामरिक दृष्टिकोण से देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है। भारत अपनी कच्चे तेल की 89% जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है, ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों के व्यापक अपनाने से आयात निर्भरता कम होगी, जबकि ऑटोमोबाइल क्षेत्र (जीडीपी में 7.1% योगदान, 1.9 करोड़ लोगों को रोजगार) को वैश्विक बदलाव के अनुरूप बनाए रखने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, दिल्ली जैसे शहरों में वाहनों से होने वाले प्रदूषण के स्वास्थ्य पर पड़ते गंभीर प्रभावों को देखते हुए, स्वच्छ परिवहन की ओर तेजी से बढ़ना आवश्यक हो गया है। सरकार द्वारा 92,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोत्साहन पैकेज (फेम, पीएम ई-ड्राइव, पीएम ई-बस सेवा आदि) और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के प्रयासों से इस क्षेत्र में तेजी से बदलाव देखा जा रहा है।
आईईएमआई 2.0 राज्यों को अपनी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी नीतियों की प्रगति पर नजर रखने और डेटा-आधारित निर्णय लेने में मदद करता है। इससे राज्यों के स्कोर में सुधार हुआ है, जहां शीर्ष राज्य का स्कोर 77 से बढ़कर 84 और औसत राज्य स्कोर 36 से 40 तक पहुंचा है। नीति आयोग ने राज्यों से सार्वजनिक परिवहन के विद्युतीकरण, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के समान वितरण और अनुसंधान एवं नवाचार में निवेश बढ़ाने का आग्रह किया है। यह पहल न केवल पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देगी, बल्कि रोजगार सृजन, ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों को
Source: PIB (Press Information Bureau)
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