✎ स्वच्छता अभियान अब केवल सफाई नहीं, बल्कि आर्थिक मूल्य और व्यवहार परिवर्तन का माध्यम बन गया है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हाल ही में विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 के लिए एक वेब पोर्टल लॉन्च किया, जिसे उन्होंने “स्वच्छता को संपूर्ण सरकार और संपूर्ण राष्ट्र का आंदोलन” बताया। वर्ष 2014 में शुरू हुआ यह अभियान अब केवल सफाई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इससे सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग, लंबित मामलों में कमी, सार्वजनिक स्थानों का बेहतर इस्तेमाल और कचरे से आर्थिक मूल्य सृजन जैसे व्यापक परिणाम सामने आए हैं। पिछले पांच वर्षों में इस अभियान के माध्यम से 5,000 करोड़ रुपये की कमाई हुई है, 1,000 लाख वर्ग फुट कार्यालय स्थान मुक्त कराया गया है तथा लगभग 2 करोड़ फाइलों का निस्तारण किया गया है। यह अभियान जन-भागीदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता लाने में भी सहायक सिद्ध हुआ है, जिससे यह परीक्षाओं में शासन व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों से संबंधित प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण विषय बन गया है।
इस अभियान की सफलता का मुख्य कारण इसका जन-केंद्रित दृष्टिकोण और व्यवहार में बदलाव लाने पर जोर देना है। डॉ. सिंह ने बताया कि स्वच्छता पहल ने लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने से रोकने तथा कचरे को संपदा में बदलने की सोच विकसित करने में मदद की है। विशेष अभियान 6.0 के वेब पोर्टल के माध्यम से सरकारी विभाग अपनी प्रगति की निगरानी कर सकेंगे तथा लंबित मामलों को कम करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। यह अभियान न केवल स्वच्छता अपितु सरकारी संसाधनों के प्रभावी उपयोग और शासन में जवाबदेही को भी बढ़ावा देता है, जो बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में करेंट अफेयर्स और शासन प्रणाली से संबंधित प्रश्नों के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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