✎ स्वच्छता एक सामूहिक दायित्व है, जिसे व्यक्तिगत आदतों से जोड़कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया जा सकता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
भूमि संसाधन विभाग द्वारा शुरू किए गए ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को एक सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करना है। यह अभियान केवल कार्यालयों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर कचरा प्रबंधन व पुनर्चक्रण की आदतों को बढ़ावा देता है। विभाग के सचिव श्री नरेंद्र भूषण ने इस पहल को जनसेवा से जोड़ते हुए कहा कि स्वच्छता केवल अपने आस-पास को साफ रखने तक सीमित नहीं, बल्कि साझा स्थानों की जिम्मेदारी उठाने का भी माध्यम है। यह अभियान प्लास्टिक और ई-वेस्ट जैसे चुनौतीपूर्ण कचरे के उत्तरदायी निस्तारण पर भी ध्यान केंद्रित करता है, जिससे सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा मिल सके।
यह अभियान बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें शासन व्यवस्था, जनभागीदारी और सतत विकास जैसे विषय शामिल हैं। बैंकिंग क्षेत्र में, स्वच्छता अभियानों से ग्राहक सेवा और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के प्रति संवेदनशीलता का प्रदर्शन होता है, जो आरबीआई द्वारा भी अपेक्षित है। एसएससी परीक्षाओं में इससे संबंधित प्रश्न पर्यावरणीय नीतियों, सरकारी पहलों और जनकल्याणकारी योजनाओं के संदर्भ में पूछे जा सकते हैं। इसी प्रकार, आरबीआई ग्रेड बी में नीति निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति दृष्टिकोण का आकलन किया जाता है, जहां इस अभियान का उल्लेख जनसेवा और सतत विकास के दृष्टिकोण के रूप में किया जा सकता है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


1 comment on “भूमि संसाधन विभाग ने शुरू किया ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान, जानिए मुख्य बातें”