✎ राज्य सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी से राज्यों को पूंजी जुटाने और राजकोषीय घाटे के प्रबंधन में मदद मिलती है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) द्वारा 22 सितंबर, 2026 को आयोजित राज्य सरकारों की प्रतिभूतियों की यील्ड/मूल्य आधारित नीलामी में कुल 16,750 करोड़ रुपये की राशि स्वीकार की गई। इसमें आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, पंजाब और राजस्थान सहित सात राज्यों ने भाग लिया। आंध्र प्रदेश ने दो बार (₹1,000 करोड़ और ₹1,600 करोड़) तथा महाराष्ट्र ने तीन बार (₹1,000 करोड़, ₹2,400 करोड़ और ₹1,600 करोड़) नीलामी में हिस्सा लिया। राजस्थान ने सबसे अधिक ₹4,400 करोड़ की राशि स्वीकार की, जबकि गोवा ने सबसे कम ₹150 करोड़ की। नीलामी में अधिकांश प्रतिभूतियों के लिए कट-ऑफ यील्ड 7.32% से 7.91% के बीच रही, जिसमें महाराष्ट्र की 7.09% यील्ड वाली प्रतिभूति सबसे कम दर पर स्वीकार की गई। यह नीलामी राज्य सरकारों द्वारा अपने बजट घाटे को पूरा करने तथा विकास कार्यों हेतु पूंजी जुटाने के प्रयासों का हिस्सा है, जिसमें आरबीआई द्वारा मध्यस्थता की गई।
इस नीलामी का बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र के लिए विशेष महत्व है, क्योंकि राज्य सरकारों द्वारा जारी प्रतिभूतियां बैंकों के लिए सुरक्षित निवेश विकल्प मानी जाती हैं, जो उनकी एसएलआर (वैधानिक तरलता अनुपात) आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होती हैं। एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं में इस विषय से संबंधित प्रश्न अर्थव्यवस्था, राजकोषीय नीति तथा बाजार आधारित वित्तपोषण जैसे विषयों पर केंद्रित हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, राज्य सरकारों द्वारा प्रतिभूतियों के माध्यम से पूंजी जुटाने के कारणों, आरबीआई की भूमिका तथा बाजार में ब्याज दरों के प्रभाव जैसे प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, इस प्रकार की नीलामियों से सरकारी प्रतिभूतियों के बाजार में तरलता तथा निवेशकों की रुचि का भी आकलन किया जा सकता है, जो वित्तीय स्थिरता के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।
स्रोत: RBI
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