
✎ चंबा-किलाड़ मार्ग राष्ट्रीय महत्व की रणनीतिक सड़क बनने से हिमाचल के दुर्गम जनजातीय क्षेत्रों को वर्षभर बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
हिमाचल प्रदेश के चंबा-किलाड़ मार्ग को राष्ट्रीय महत्व की रणनीतिक सड़क परियोजना का दर्जा मिलने से केंद्र सरकार ने राज्य के दुर्गम जनजातीय क्षेत्रों की सड़क संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस परियोजना के विकास और रखरखाव की जिम्मेदारी केंद्र सरकार के अधीन होगी, जिसे स्ट्रैटेजिक रोड हेड फंड के माध्यम से वित्तपोषित किया जाएगा। यह निर्णय चंबा जिले के चुराह, पांगी और किलाड़ जैसे क्षेत्रों में वर्षभर बेहतर सड़क संपर्क स्थापित करेगा, जहां भारी बर्फबारी, भूस्खलन और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण संपर्क अक्सर बाधित होता रहता है। इससे स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा और आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होगी, साथ ही सामाजिक-आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
इस परियोजना के तहत चंबा-किलाड़ मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग डबल लेन मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिसमें नए सड़क खंडों का निर्माण और किलाड़ तक निर्माणाधीन मार्गों के साथ बेहतर संरेखण तैयार करना शामिल है। परियोजना के क्रियान्वयन में सीमा सड़क संगठन की प्रमुख भूमिका होगी, जबकि वित्तीय और प्रशासनिक प्रबंधन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा किया जाएगा। यह निर्णय केंद्र सरकार की राष्ट्रीय महत्व की 11 रणनीतिक सड़क परियोजनाओं में से एक है, जिसमें हिमाचल प्रदेश की तीन परियोजनाएं शामिल हैं। इस कदम से न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार होगा, बल्कि रक्षा और सामरिक दृष्टिकोण से भी यह महत्वपूर्ण साबित होगा, जो बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी प्रासंगिक है।
स्रोत: amarujala.com
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