✎ ग्रीनलैंड समझौता अमेरिका को आर्कटिक में सैन्य उपस्थिति बढ़ाने और नाटो की भूमिका को मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त करता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Security
**ग्रीनलैंड समझौता अमेरिका को अतिरिक्त रक्षा क्षेत्र स्थापित करने की अनुमति देता है**
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं ने आर्कटिक द्वीप के संबंध में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें अमेरिका को ग्रीनलैंड में सैन्य गतिविधियों का विस्तार करने की अनुमति मिल गई है। इस समझौते के तहत अमेरिका पिटुफिक स्पेस बेस, नारसरसुआक और मेस्टर्सविग जैसे स्थानों पर रक्षा क्षेत्र स्थापित कर सकेगा तथा अतिरिक्त सैन्य सुविधाओं का निर्माण कर सकेगा। समझौते में आर्कटिक क्षेत्र में बदलती सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखते हुए अमेरिकी सैन्य गतिशीलता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है, जबकि डेनमार्क की संप्रभुता और ग्रीनलैंड के आत्मनिर्णय के अधिकार को भी बरकरार रखा गया है।
इस समझौते का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। बैंकिंग क्षेत्र में, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा समझौतों का अध्ययन आर्थिक नीतियों और भू-राजनीतिक जोखिमों के आकलन में सहायक होता है, जो केंद्रीय बैंक और वित्तीय संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण है। एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं में भी भू-राजनीतिक घटनाओं, विशेषकर नाटो और अमेरिकी रक्षा रणनीतियों से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इस समझौते के माध्यम से अमेरिका की आर्कटिक में बढ़ती सैन्य उपस्थिति और नाटो के सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जो समसामयिक मामलों के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
स्रोत: orissapost.com
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