✎ ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली डीडीयू-जीकेवाई 2.0 योजना का उद्देश्य सामाजिक समावेशन एवं ग्रामीण विकास को सुदृढ़ करना है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना (डीडीयू-जीकेवाई) 2.0** ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने की एक प्रमुख पहल है, जिसे ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत शुरू किया गया था। इस योजना का उद्देश्य 15-35 वर्ष आयु वर्ग के ग्रामीण युवाओं, विशेषकर एससी/एसटी, महिलाओं और दिव्यांगजनों को रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना है। डीडीयू-जीकेवाई 2.0 में प्रशिक्षण अवधि को 576 घंटे तक बढ़ाया गया है, जिसमें अंग्रेजी संचार, डिजिटल साक्षरता, उद्यमिता और जीवन कौशल जैसे गैर-डोमेन घटकों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके अतिरिक्त, प्लेसमेंट अवधि को तीन महीने से बढ़ाकर छह महीने कर दिया गया है, जिससे रोजगार स्थिरता सुनिश्चित की जा सके। योजना में पूर्वोत्तर राज्यों, एलडब्ल्यूई प्रभावित क्षेत्रों और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान भी किए गए हैं, जिसमें 10% बजट आवंटन और आवासीय प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
डीडीयू-जीकेवाई 2.0 का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है। यह योजना ग्रामीण विकास, कौशल विकास और रोजगार सृजन जैसे विषयों से सीधे जुड़ी हुई है, जो परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं। इसके अतिरिक्त, योजना के तहत सरकार द्वारा आवंटित बजट (750 करोड़ रुपये), प्लेसमेंट सहायता, और डिजिटल साक्षरता जैसे पहलू राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक समावेशन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके कौशल को बाजार की मांग के अनुरूप विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसी पहलों के अनुरूप है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


1 comment on “डीडीयू-जीकेवाई 2.0: ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार की नई दिशा”