✎ टीएमसी नाम-चिह्न विवाद में चुनाव आयोग को शीघ्र फैसला लेने का निर्देश, सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनवाई का मौका दिया।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को चुनाव आयोग (ईसी) से पूछा कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद पर फैसला कब तक लिया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि उसने शिवसेना मामले में देरी के परिणाम देखे हैं और इस मामले का शीघ्र निपटारा किया जाना चाहिए। कोर्ट ने चुनाव आयोग से फैसले की समयसीमा तय करने को कहा, जबकि मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी। इस मामले में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज कर दिया गया था। चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को दोनों गुटों की सुनवाई के बाद टीएमसी के नाम और चिह्न को फ्रीज करते हुए ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ का चिह्न दिया, जबकि दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ और ‘लिफाफा’ चिह्न आवंटित किया।
यह मामला राजनीतिक दलों के नाम और चुनाव चिह्नों से जुड़े विवादों के समाधान की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण है। बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी परीक्षाओं के लिए यह विषय संविधान के अनुच्छेद 324 (चुनाव आयोग की शक्तियाँ) और राजनीतिक दलों के विनियमन से संबंधित कानूनों के तहत पूछा जा सकता है। इसके अतिरिक्त, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग की भूमिका पर भी प्रश्न बन सकते हैं, जिससे परीक्षार्थियों को राजनीतिक व्यवस्था की गहरी समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।
स्रोत: bhaskar.com
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