✎ कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में KKRDB कोष से शहरी रोजगार गारंटी योजना शुरू करने की मांग, जिससे प्रवासी मजदूरों की समस्याओं का समाधान हो सके।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**नोट:**
कर्नाटक के कल्याण कर्नाटक क्षेत्र विकास बोर्ड (केकेआरडीबी) के फंडों का उपयोग कर शहरी रोज़गार गारंटी योजना लागू करने की मांग उठ रही है। कल्याण कर्नाटक क्षेत्र विकास संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वे शहरी क्षेत्रों में गरीबों को रोज़गार सुनिश्चित करने के लिए केकेआरडीबी के फंडों का उपयोग करें। उनका तर्क है कि क्षेत्र के विकास के लिए मानव विकास सूचकांकों पर ध्यान देना ज़रूरी है, न कि केवल भौतिक आधारभूत संरचना पर। उन्होंने बताया कि कल्याण कर्नाटक के शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग रोज़गार की तलाश में बेंगलुरु, मुंबई, पुणे और हैदराबाद जैसे शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि सरकार गरीबी, बेरोज़गारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मानव विकास संबंधी चुनौतियों को हल करने के लिए फंड आवंटित करे।
इस मांग का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए भी है, क्योंकि यह शासन व्यवस्था, क्षेत्रीय असंतुलन और कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्संबंध को दर्शाता है। केकेआरडीबी जैसे विशेष विकास बोर्डों के माध्यम से क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना राज्य की नीति और प्रशासनिक ढांचे का हिस्सा है, जो परीक्षाओं में सामान्य ज्ञान और करेंट अफेयर्स के प्रश्नों में पूछा जा सकता है। इसके अलावा, शहरी रोज़गार गारंटी योजनाओं का विचार केंद्र सरकार की मनरेगा जैसी योजनाओं से प्रेरित है, जो ग्रामीण रोज़गार गारंटी पर केंद्रित है, लेकिन अब शहरी क्षेत्रों में भी इसकी आवश्यकता महसूस की जा रही है। यह विषय संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) और राज्य लोक सेवा आयोगों की परीक्षाओं में भी प्रासंगिक हो सकता है, जहां क्षेत्रीय विकास और शासन व्यवस्था पर सवाल पूछे जाते हैं।
स्रोत: The Hindu
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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